i love you

                                       


        " हाँ ये सच है की मुझे तुमसे मोहब्बत है। 
         यह भी सच है की मैं तुम्हारी चाहत हूँ। 
          पर मेरी ज़िन्दगी में चाहतों की कमी तो नहीं। 
          रिश्ते और भी हैं सिर्फ एक तुम ही तो नहीं। "



मुझे आज भी याद है जब पहली बार तुमने मुझे आई लव यू  कहा था और जवाब में , मैं हल्का सा मुस्कुराई थी। तुम्हे  पाकर  मैं बहुत खुश थी सबसे कह सकती थी की मेरे पास भी प्यार है। 
ज़िन्दगी थोड़ी बदल सी गयी थी।  अब हर रोमांटिक गीत मुझे अपने लिए लगता था , मेरी पसंद बदलने लगी थी और मैं अक्सर ख्यालों की दुनिया में गुम रहती थी। सब कुछ सपने जैसा था … जैसे मैं किसी गहरी नींद में थी ..... पर कुछ वक़्त बाद नींद खुली और मैं सपने से वापस आ गयीं 

प्यार …  मैं तो अभी इसकी गहराई को समझ हे नहीं पायी थी ..... बस दूसरों को बताने के लिए की मेरे पास भी प्यार है मैं तम्हे अपनी मोहब्बत बना बैठी थी।  नींद खुली तो पता चला की मेरा प्यार तम नहीं थे। मुझे प्यार ज़रूर था या यूँ कहे की शिद्दत वाला प्यार था पर तुमसे नहीं  बल्कि खुद से। ....   मैं तुम्हारे   लिए खुद को कैद नहीं रख सकती थी क्यूंकि मुझे अपनी आज़ादी से प्यार था।  मैं  तुम्हारे लिए चुप नहीं रह सकती थी क्यूंकि मुझे अपनी आवाज़ से प्यार था।  मैं तुम्हारे लिए समझदार नहीं बन सकती क्यूंकि मुझे अपने  पागलपन से प्यार था। 

ज़िन्दगी में प्यार ज़रूरी है पर उस से ज़्यादा ज़रूरी है खुद से प्यार होना …… तो अब  सकती हूँ की मुझे भी इश्क़ ए हक़ीक़ी है वो भी खुद से .... 
मैं आज भी रोज 'आई लव यू ' कहती हूँ पर आईने में देख के …… 




Comments

  1. Hearttouching awesome

    राहे बिछड़ेंगी, मंज़िले अलग होंगी, साथी कोई, हमसफर कही और होगा!

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  2. This comment has been removed by the author.

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